न्यूज़ डेस्क: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाली अमेठी में शनिवार का दिन कांग्रेस के लिए काफी अहम रहा. दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने रैली का आयोजन किया. इस बीच भाई-बहन ने संयुक्त रूप से केंद्र की नरेंद्र मोदी और प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर जमकर हमला किया. इस पदयात्रा में राहुल गांधी ने एक बार फिर से हिंदुत्व का मामला उठाते हुए कहा, ‘जो अन्याय के खिलाफ लड़ता है वह हिंदू है और नफरत फैलाता है वह हिंदुत्ववादी.’
इस दौरान अमेठी से चुनाव लड़ते आए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, ‘आज यहां आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है. आपने जो प्यार दिया, इसके लिए आप सबको धन्यवाद देता हूं. प्रियंका ने बताया कि हम सब यहां पिताजी के साथ आया करते थे. उस समय यहां सड़कें नहीं होती थीं. कांग्रेस ने सड़कों का जाल बिछाया.’ साथ ही उन्होंने कहा कि एक तरफ सच्चाई है महात्मा गांधी. वे हिंदू हैं. दूसरी तरफ नाथूराम गोडसे. वह हिंदुत्ववादी है. उसे किसी ने महात्मा नहीं कहा. उसने सच की लड़ाई लड़ने वाले हिंदू यानी महात्मा की छाती में गोली मार दी.
अमेठी में जगह-जग दोनों का हुआ भव्य स्वागत.
उन्होंने आगे कहा कि नाथूराम एक कायर आदमी था. वह अपने डर का सामना नहीं कर पाया. इसलिए उसने सच्चाई की राह में खड़े एक हिंदू को गोली मार दी. हिंदू सच के साथ रहता है, हिंदुत्ववादी झूठ का सहारा लेता है. हिंदुत्ववादी गंगा में अकेला स्नान करता है. हिंदुत्ववादी करोड़ों लोगों के साथ स्नान करता है. एक तरफ हिंदू है, दूसरी तरफ हिंदुत्ववादी है. एक तरफ सच है, दूसरी तरफ झूठ है. हिंदू सच बोलते हैं, हिंदुत्ववादी झूठ बोलते हैं. राहुल बोले कि वे रोजगार पर झूठ बोलते हैं, किसानों के बारे में झूठ बोलते हैं, वे चीन के कब्जे पर झूठ बोलते हैं. जिसके दिल में प्यार नहीं है, जिसके दिल में डर है, वह हिंदुत्ववादी है. हिंदू सबसे प्यार करता है, हिंदू सबसे गले लगता है.
इस दौरान यूपी चुनाव प्रभारी का जिम्मा उठा रहीं प्रियंका गांधी ने कहा, ‘मैं 13 साल की थी जब पिता जी के साथ यहां से कुछ किलोमीटर दूर हम रहते थे. वहां से पिताजी की जीप में बैठकर गांव-गांव जाते थे. आप सबसे बात करते थे. कुछ ही दिनों में मैं 50 साल की होने वाली हूं. आपसे बहुत पुराना रिश्ता है. हमारा आपका रिश्ता राजनीतिक नहीं है. हमारा आपका रिश्ता बहुत पुराना है. हमें आपसे कोई शिकायत नहीं है. कभी-कभी ऐसी परिस्थितियां बनती हैं जब सच छुप जाता है. ऐसे में खुद ही परिस्थितियां पहचाननी पड़ती हैं.’
इसके आगे प्रियंका ने अमेठी की जनता से भावुक अपील करते हुए कहा, ‘कोरोना के समय अमेठी के लोग देश के अलग-अलग कोने में फंसे थे. रात-रातभर फोन आते थे. देश के हर कोने में लोग फंसे थे और उनकी कोई मदद नहीं कर रहा था. कहां थी ये भाजपा की सरकार? कहां थे इनके सांसद?’ उन्होंने कहा कि कोरोना के समय आपकी मदद के लिए हमने बस भेजने की कोशिश की. हमारी बस नहीं आने दी गई. हम ऑक्सीजन भेज रहे थे तो उसे भी नहीं आने दिया गया. हमने कहा कि हमारा नाम मत दीजिए. आप बस भेज दीजिए लेकिन इनकार कर दिया.
इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘पिछले एक साल से किसान आंदोलन कर रहे हैं. मैं ललितपुर गई थी. वहां खाद के लिए किसान लाइन में लगे और वहीं खड़े-खड़े उनकी मौत हो गई. ये क्या हो रहा है? ये क्यों हो रहा है? आवारा पशुओं की समस्या के लिए सरकार ने क्या किया? गायों को ट्रक में भरकर दफनाया जा रहा है. ये हो रहा है आपके प्रदेश में. फसल का दाम नहीं मिलता, खाद नहीं मिलती, आवारा पशुओं से आप परेशान हैं. कोई नहीं आ रहा है आपकी मदद करने.’
लखीमपुर खीरी हिंसा किसानों को कुचल कर मार दिया गया. किसने मारा आप जानते हैं? किसने उनके साथ मंच साझा किया, कौन उन्हें बर्खास्त नहीं कर रहा है, सब आप जानते हैं. क्या आपको ऐसी निर्मम सरकार और प्रधानमंत्री चाहिए? उन्होंने कहा कि आपको गन्ने का दाम नहीं दे सकते, आपको खाद नहीं दे सकते, लेकिन 8000 करोड़ के जहाज में चढ़कर यहां नौटंकी करने आ सकते हैं. सबकी आस्था होती है, लेकिन सब दिखावा नहीं करते.







