न्यूज़ डेस्क: केन्द्रीय भारी उद्योग मंत्री महेन्द्र नाथ पांडे ने आज यहां कहा कि राम सेतु मिथ्या नहीं है अभियंताओं की देन है, लेकिन कुछ लोग इस पर सवाल उठाते हैं। इस बात की तसदीक खुद अभियंताओं का शीर्ष संगठन करता है कि प्राचीन काल से ही राम सेतु वजूद में रहा है। लेकिन राम सेतु को मिथ्या बताते हुए कुछ लोग कोर्ट में हल्फनामा देते हैं।
रविवार को वे भारत के शीर्ष इंजीनियरों के संगठन इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) द्वारा आयोजित 36वें भारतीय इंजीनियरिंग कांग्रेस- शताब्दी समारोह बोल रहे थे। इस अधिवेशन का विषय व्यावहारिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते हुए 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने में अभियंताओं की भूमिका है जिसमें देश भर के अभियंता भाग ले रहे हैं।
इस मौके पर महेन्द्र नाथ पांडे ने कहा कि भारत के अभियंताओं का इतिहास बेहद गौरवशाली है। खुशी है कि अभियंता अपनी प्राचीन संस्कृति और इतिहास के बारे में गर्व से बाते कर रहे हैं। नहीं तो पहले लोगों को अपने इतिहास पर बात करने में हिचकते थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी समृद्ध संस्कृति पर गर्व करते हुए विश्व में इसकी चर्चा करते हैं। खुशी है कि अभियंता भी अपने इतिहास के बारे में गर्व से चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति, ज्ञान, विज्ञान और अध्यात्म को साथ लेते हुए आधुनिक भारत के निर्माण की दिशा में काम करना है।
उन्होंने कहा कि भारत के अभियंताओं ने अपने सामर्थ को सिद्ध किया है। कोरोना काल में अभियंताओं ने अहम भूमिका निभाई है। तमाम कठिनाइयों के बीच अभियंताओं के प्रयासों की वजह से देश आज पीपीई किट के निर्यात में विश्व में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। जबकि पहले पीपीई किट्स आयात किए जाते थे। इसी तरह कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन का संकट पैदा हो गया था, अभियंताओं की अथक मेहनत से 9-10 दिनों में ही स्थिति को संभाला गया।
उनका योगदान अनुकरणीय है। अभियंताओं का आह्वान करते हुए उन्होंने देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि देश को पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का महज सपना नहीं है यह एक दृढ सोच है जिसे सभी को साकार करना है।
इस मौके पर इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह ने कहा कि अभियंताओं का इतिहास बहुत पुराना है। भारत का गौरवशाली प्राचीन इतिहास में अभियंताओं का योगदान रहा है। रामायण, महाभारत से लेकर हड़प्पा संस्कृति और मोहनजोदाड़ों तक की संस्कृति में अभियंताओं के योगदान का उल्लेख मिलता है। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि रामायण के अनुसार रामसेतु का निर्माण नल नाम के एक अभियंता ने करवाया था।
नासा ने भी सैटेलाइट चित्र में तमिलनाडु स्थित इस सेतु की पुष्टि की है। भगवान कृष्ण की नगरी द्वारका के निर्माण में भी अभियंताओं की अहम भूमिका रही है। भारत के तमाम प्राचीन मंदिर, सुदर्शन चक्र, शस्त्र आदि निर्माण अभियंताओं के प्राचीन गौरवशाली इतिहास को प्रमाणित करते हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी तमाम कठिनाइयों और चुनौतियों के बीच अभियंताओं ने अपनी अहम भूमिका निभाई है। इस कठिन समय में पीपीई किट, चिकित्सीय उपकरण के निर्माण में अभियंताओं ने मेहनत की है।
इस 36वें भारतीय इंजीनियरिंग कांग्रेस- शताब्दी समारोह अधिवेशन में आयोजन समिति के अध्यक्ष दिनेश कुमार ने देश भर से आए सभी अभियंताओं का स्वागत किया और आईईआई के महानिदेशक मेजर जनलर(रिटायर्ड) एमजेएस सयाली ने धन्यावाद ज्ञापन दिया। इस अधिवेशन में यूपीएससी के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर डीपी अग्रवाल, मिलिट्री कॉलेज ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग(सिकंदराबाद) के कमांडेंट लेफिटिनेंट जनरल टीएसए नाराय़णन, आर्मी हेडक्वाटर्स के इंजीनियर इन चीफ लेफिटिनेंट जनरल हरपाल सिंह, रेलवे बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वी के यादव, स्टील अथॉरटी ऑफ इंडिया की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोमा मंडल ने भी अपने विचार रखें।
भारत के शीर्ष इंजीनियरों के संगठन 36वें भारतीय इंजीनियरिंग कांग्रेस- शताब्दी समारोह 28 दिसंबर तक नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश भर के अभियंता भाग ले रहे हैं और देश को 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में अपने सुझाव देंगे जिसे केन्द्र सरकार को सौंपा जाएगा।







