न्यूज़ डेस्क: दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बुधवार को कहा कि संक्रमण से हाल में जिन लोगों की मौत हुई उनमें से अधिकतर पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे और कुछ ही लोगों की मौत केवल कोरोना वायरस के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को ज्यादा परेशानी हो रही है, जबकि कोरोना वायरस के इलाज के लिए ज्यादा लोग अस्पताल नहीं आ रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पतालों में आईसीयू बेड पर भर्ती मरीजों में बहुत कम ऐसे मामले हैं जो सिर्फ कोरोना के कारण आईसीयू में भर्ती हुए हैं। उन्होंने कहा कि बेहद कम संख्या में बच्चे कोरोना वायरस की चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अगर दो-तीन दिन में संक्रमण के मामले कम हो गए तो, पाबंदियां हटा दी जाएंगी।
उन्होंने कहा कि एलएनजेपी अस्पताल के कोविड आईसीयू वार्ड में 36 मरीज भर्ती हैं, जिसमें से केवल 6 कोरोना के कारण भर्ती हैं। बाकी 30 मरीज ऐसे हैं जो कैंसर, लिवर व किडनी से संबंधित अन्य किसी बीमारी से पीड़ित हैं। जांच कराने पर वे कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीज कोरोना से कम लेकिन अन्य बीमारियों के कारण ज्यादा भर्ती हो रहे हैं। उन्हें कोरोना भी है, इसलिए उन्हें हम कोरोना के आईसीयू बेड में भर्ती मरीजों की गिनती में शामिल करते हैं।
आ गया कोरोना का पीक
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली में पिछले पांच दिन से अस्पतालों में भर्ती होने वाले कोविड-19 के मरीजों की संख्या स्थिर है, जिससे प्रतीत होता है कि कोरोना का पीक अब आ चुका है और दो-तीन दिन में मामले कम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई में कोविड-19 के मामले कम होना शुरू हो गए हैं और दिल्ली में भी मामलों के जल्द कम होने की उम्मीद है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की दर प्रमुख संकेतक है। हालांकि इसका मतलब यह बिलकुल नहीं है कि अभी कोरोना खत्म हो गया है। कोरोना अभी भी है और अपने चरम पर है।
अस्पतालों में 85 फीसदी बेड खाली
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली के अस्पतालों में 85 फीसदी बेड अभी भी उपलब्ध है और हालात पूरी तरह से नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि सरकार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और कोरोना के बढ़ते मामलों को कंट्रोल करने के लिए नियम लागू किए जा रहे हैं।
कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आए सभी लोगों की नहीं होगी जांच
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आईसीएमआर की नई गाइडलाइन के अनुसार यदि आपको कोरोना के एक भी लक्षण नहीं हैं, आपकी उम्र 60 साल से कम है और अन्य कोई बीमारी नहीं है तो आपको टेस्ट करवाने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि बिना लक्षण वाले लोगों को जांच कराने की जरूरत नहीं है।
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य अधिकारियों, अस्पतालों और डिस्पेंसरी को कोविड जांच के संबंध में केंद्र के नए परामर्श का पालन करने का निर्देश दिया है। नए परामर्श के अनुसार संक्रमितों के संपर्क में आने वालों को तब तक जांच करवाने की आवश्यकता नहीं है, जब तक कि उन्हें उम्र या पहले से किसी बीमारी के आधार पर उच्च जोखिम वाले मरीज के तौर पर चिन्हित न किया गया हो।
कोविड-19 के लिए जांच रणनीति पर आईसीएमआर के परामर्श में यह भी कहा गया है कि अंतरराज्यीय यात्रा करने वालों को भी जांच करवाने की जरूरत नहीं है। परामर्श में कहा गया है कि आरटीपीसीआर, ट्रूनैट, सीबीनैट, क्रिस्पर,आरटी लैम्प या रैपिड एंटीजन के जरिए जांच करवाई जा सकती है।







