न्यूज़ डेस्क: भारत कच्चे तेल की कीमतों में कमी लाने के लिए जारी अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का हिस्सा बनते हुए अपने रणनीतिक तेल भंडार से 50 लाख बैरल कच्चा तेल जारी करेगा। अमेरिकी सरकार ने अपने रणनीतिक तेल भंडार से पांच करोड़ बैरल तेल जारी करने का आदेश दिया है। अमेरिका अन्य देशों के साथ तालमेल कर कच्चे तेल की कीमतों को नीचे लाने का प्रयास कर रहा है।
भारत सरकार ने मंगलवार को एक बयान में रणनीतिक तेल भंडार से 50 लाख बैरल की निकासी के फैसले की जानकारी दी। यह पहला मौका है जब भारत अपने रणनीतिक भंडार से कच्चे तेल की निकासी करेगा। सरकार की तरफ से जारी आधिकारिक बयान के ‘भारत का दृढ़ मत है कि तरल हाइड्रोकार्बन की कीमत तर्कसंगत होनी चाहिए।
भारत ने बार- बार इस बात पर चिंता जताई है कि तेल उत्पादक देश तेल की आपूर्ति को कृत्रिम ढंग से मांग से कम रखते हैं। इससे तेल की कीमतें बढ़ती हैं और नकारात्मक नतीजे सामने आते हैं।’ हालांकि, बयान में यह नहीं बताया गया है कि रणनीतिक भंडार से कच्चे तेल की निकासी कब होगी लेकिन घटनाक्रम से परिचित एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अगले हफ्ते- दस दिन में यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
उधर, अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन ने कहा कि अमेरिकी सरकार के इस कदम का मकसद गैस और पेट्रोल के दाम नीचे लाना है। इस समय इनकी कीमत 3.40 डॉलर प्रति गैलन पर है जो एक साल पहले की तुलना में दोगुना है। अमरीका के अलावा भारत, जापान, कोरिया और ब्रिटेन ने भी अपने रणनीतिक भंडार से कच्चा तेल जारी करने की घोषणा की है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग रणनीतिक भंडार से तेल दो तरीकों से उपलब्ध कराएगा। 3.2 करोड़ बैरल अगले कुछ माह के दौरान जारी किया जाएगा जो आने वाले वर्षों में भंडार में वापस आएगा। वहीं 1.8 करोड़ बैरल तेल की बिक्री पूर्व में संसद द्वारा मिली अनुमति के अनुरूप होगी।
भारतीय इकाइयों को बेचा जाएगा तेल
भारत के रणनीतिक भंडार से निकाले जाने वाले कच्चे तेल को मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) को बेचा जाएगा। ये दोनों सरकारी तेल शोधन इकाइयां रणनीतिक तेल भंडार से पाइपलाइन के जरिए जुड़ी हुई हैं।
भारत ने अपने पश्चिमी एवं पूर्वी दोनों तटों पर रणनीतिक तेल भंडार बनाए हुए हैं। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम और कर्नाटक के मंगलूरु एवं पदुर में ये भूमिगत तेल भंडार बनाए गए हैं। इनकी सामूहिक भंडारण क्षमता करीब 3.8 करोड़ बैरल की है।
अक्टूबर में कच्चा तेल उत्पादन घटा, प्राकृतिक गैस उत्पादन 25 प्रतिशत बढ़ा
भारत का कच्चे तेल का उत्पादन अक्तूबर में 2.15 प्रतिशत घट गया, जबकि प्राकृतिक गैस का उत्पादन 25 प्रतिशत बढ़ा। सरकार की तरफ से मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, अक्तूबर, में सरकारी स्वामित्व वाली पेट्रोलियम कंपनियों का उत्पादन कम होने से कच्चे तेल का उत्पादन घटकर 25.1 लाख टन रहा। ओएनजीसी का उत्पादन चार फीसदी कम रहा जबकि ऑयल इंडिया का उत्पादन 1.46 प्रतिशत नीचे आया। दूसरी तरफ, रिलायंस-बीपी के केजी-डी6 क्षेत्रों से उत्पादन बढऩे से इस माह प्राकृतिक गैस का उत्पादन 25 प्रतिशत बढ़ गया।







