बून्दी: कहते है बुरा करने वाले का अंत बुरा होता है। ऐसा ही एक भ्रष्ट चिकित्सक के साथ हुआ। पूरा मामला यू था कि बून्दी के जिला अस्पताल में मेडिकल जूरिस्टिक के पद पर नियुक्त भ्रष्ट चिकित्सक डी डी मीणा के द्वारा कोरोना स्वास्थ्य सहायक भर्ती के अभ्यार्थियों से 200 -200 रुपये लेने के कथित वीडियो वायरल होने के बाद पूर्व वित्त राज्य मंत्री हरिमोहन शर्मा द्वारा चिकित्सा मंत्री को पत्र लिख चिकित्सक के निलंबन की मांग की । जिसके बाद 26 अगस्त को चिकित्सा मंत्री द्वारा जांच टीम गठित करने के बाद चिकत्सक पर आरोप सिद्ध हो गए।
आखिर पाप करते करते पाप का घड़ा भर गया और बाद में चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डॉक्टर डी डी मीणा को एपीओ कर दिया। भ्रष्ट चिकित्सक को निलंबन हेतु तत्परता दिखाने के लिए बेरोजगार युवाओं एवं आमजन ने चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ,पूर्व वित्त राज्य मंत्री हरिमोहन शर्मा एवं पीसीसी सदस्य सत्येश शर्मा का आभार जताया। वही चिकित्सक पर हुई शीघ्र कार्यवाही से डॉक्टर व अस्पताल कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।






