न्यूज़ डेस्क: उत्तर प्रदेश चुनाव आयोग ने निर्वाचक नामावलियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के बाद बुधवार यानि पांच जनवरी 2022 को अंतिम प्रकाशन किया. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार 1 जनवरी 2022 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 1 नवंबर 2021 से 5 दिसंबर 2021 तक दावे और आपत्तियों को प्राप्त करने का काम किया गया था.
प्रदेश के समस्त 403 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के सभी पदाधिकारियों पर निर्वाचक नामावलियों के आलेख प्रकाशन के दौरान दावे और आपत्तियां प्राप्त की गई. इस निरीक्षण अवधि में डुप्लीकेशन एवं नामावलियों में विद्यार्थियों को दूर करने संबंधी कार्य का भी निष्पादन किया गया. निर्वाचक नामावली निरीक्षण हेतु प्रदेश के सभी 18 मंडलों को तथा मेरठ, कानपुर, लखनऊ, फैजाबाद, मुरादाबाद मंडलों के अपर आयुक्त को नियुक्त किया गया था.
इन प्रेक्षकों के द्वारा अपने मंडलों में भी निरीक्षण कार्य की समीक्षा की गई. निर्वाचन अधिकारी एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों द्वारा विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2022 से संबंधित कार्यों का सर्वेक्षण एवं समीक्षा की गई. सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग भी की गई.
वर्तमान समय में प्रदेश में कुल एक लाख 74 हजार 351 पोलिंग स्टेशन है. इस पुनरीक्षण में मतदाता सूची में जेंडर रेशियों में सुधार परिलक्षित हुआ है, जो कि आलेख प्रकाशन के समय 857 था. जो वर्तमान में 868 हो गया है. अर्थात 11 अंकों की बढ़ोतरी हुई है. इस परीक्षण के दौरान कुल 52 लाख 80 हजार 882 मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं. इनमें 23 लाख 92 हजार 258 पुरुष, 28 लाख 86 हजार 988 महिला और 1636 तृतीय लिंग के मतदाता हैं.
18 से 19 आयु वर्ग के मतदाताओं के कुल 14 लाख 66 हजार 470 नाम जोड़े गए, जो कुल जोड़े गए नामों का 27.76 प्रतिशत है. निर्वाचक नामावली में 18-19 आयु वर्ग के वर्तमान में कुल मतदाताओं की संख्या 19 लाख 89 हजार 902 है.
निर्वाचक नामावली में वर्तमान में 18-19 आयु वर्ग के कुल मतदाताओं की संख्या 19 लाख 89 हजार 902 है. इसमें से 10 लाख 62 हजार 410 पुरुष, 9 लाख 26 हजार 945 महिला और 547 तृतीय लिंग के मतदाता हैं.
इस पुनरीक्षण अवधि में कुल 21 लाख 40 हजार 278 मतदाताओं के नाम विभिन्न श्रेणियों के विलोपित किये गए (यानी काटे गए). इसमें से 10 लाख 50 मृतक श्रेणी, तीन लाख 32 हजार 905 शिफ्टेड श्रेणी और सात लाख 84 हजार रिपिटीडेट श्रेमी में नाम विलोपित किए गए.
इसी प्रकार मतदाता सूची में विद्यमान विभिन्न श्रेणी की त्रुटियों में दो लाख 37 हजार 941 प्रविष्टियों में संशोधन संबंधी कार्यवाही की गई. ईपी रेशियो जो आलेख्य प्रकाशन के समय 61.21 प्रतिशत था, वह अंतिम प्रकाशन के समय 62.52 प्रतिशत हो गया है अर्थात 1.31 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. अंतिम प्रकाशन नामावली में 80 साल से अधिक आयु वर्ग के 24 लाख तीन हजार 296 मतदाता है.
अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची को सभी मतदेय स्थलों पर एक सप्ताह के लिए सम्बन्धित बूथ पर प्रदर्शित की जाएगी. इसके अलावा मुख्य निर्वाचन अधिकारी या जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी मतदाता सूची उपलब्ध होगी, जिसके माध्यम से मतदाता अपना नाम देख सकते हैं. इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1950 पर फोन करके भी अपने नाम की जानकारी कर सकते हैं. अपने बीएलओ से सम्पर्क करके भी मतदाता अपना नाम देख सकते हैं,
मुख्य निर्वाचन अधिकारी और भारत निर्वाचन आयोग ने लोगों से अपील की है कि वह अपना नाम अवश्य चेक कर लें. मतदान के लिए मतदाता सूची में नाम होना अनिवार्य है. अगर किसी का नाम किसी कारण से छूट गया है तो वह अपना नाम ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से मतदाता पंजीकरण केंद्र एवं https://voterportal.eci.gov.in या https://nvsp.in या voter helpline app के माध्यम से जुडवा सकते हैं.







