न्यूज़ डेस्क: मुठभेड़ के दौरान सात गौ तस्करों को पैर में एक ही जगह गोली मारकर गिरफ्तार करने वाले लोनी बॉर्डर थाने के प्रभारी राजेन्द्र त्यागी को पुलिस कप्तान द्वारा चार्ज से हटाए जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले में सत्ताधारी पार्टी के स्थानीय विधायक नंदकिशोर गुर्जर पूर्व एसएचओ राजेन्द्र त्यागी के पक्ष में आ गए हैं।
उन्होंने जिले के पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शासन और एसएसपी को लिखे पत्र में विधायक ने तत्काल प्रभाव से राजेन्द्र त्यागी का स्थानांतरण निरस्त करने की मांग की है। पत्र में विधायक ने जिला पुलिस के संरक्षण में गौ हत्या होने का आरोप लगाते हुए एसएसपी को गौ तस्करों का संरक्षक तक कहा है।
एसएसपी को लिखे पत्र में विधायक नंदकिशोर गुर्जर का कहना है कि लोनी बॉर्डर थाना प्रभारी राजेन्द्र त्यागी को बेहटा गांव स्थित सलीम के मकान में गौ तस्करों द्वारा गौ हत्या किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना पर कर्तव्यनिष्ठ थाना प्रभारी अपनी टीम को लेकर मौके पर पहुंचे तो गौतस्करों ने उनपर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाही में सात गौ तस्कर घायल हो गए। जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि उनके कुछ साथी भागने में भी कामयाब हो गए।
विधायक का कहना है कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप गौ तस्करों को एनकाउंटर में पकडऩे पर पुलिसिया कार्रवाई की न सिर्फ लोनी बल्कि प्रदेश भर में सराहना हो रही है। लेकिन एसएसपी ने पुलिस टीम को पुरस्कृत करने के बजाए एसएचओ राजेन्द्र त्यागी का स्थानांतरण कर उन्हें अपमानित और प्रताड़ित करने का महापाप किया है।
पत्र में लिखा- आपके इस फैसले से बढ़ा है गौ तस्करों का हौंसला
विधायक ने एसएसपी के नाम लिखे अपने पत्र में कहा कि आपके इस कृत्य से सरकार की मंशा के अनुरूप गौ तस्करों और अपराधियों के खिलाफ लडऩे वाले पुलिसकर्मियों का मनोबल गिरा है। साथ ही गौ तस्करों और अपराधियों के हौंसले बढ़े हैं।






